भारतीय क्षेत्रीय भाषाएं

     संसदीय संग्रहालय अपने भाषा संबंधी संकलनों को विकसित करने पर काफी बल दे रहा है। भारत की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में लगभग 37,638 पुस्तकों (31 दिसंबर 2016 तक) सहित ग्रंथालय में निम्नतल-1 पर एक पृथक स्कंध की स्थापना की  गई है। हिन्दी और संस्कृत के अतिरिक्त यहां असमी, बंगला, बोडो, डोगरी, गुजराती, कन्नड़, कोंकणी, मलयाली, मणिपुरी, मराठी, मैथिली, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, राजस्थानी, सिंधी, तमिल, तेलुगू और उर्दू भाषा की पुस्तकें उपलब्ध हैं। इनमें से प्रत्येक भाषा और अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में अधिकाधिक मौलिक मानक कृतियां उपलब्ध कराकर इस संकलन को और समृद्ध बनाने के सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं। इनके अतिरिक्त, संसदीय ग्रंथालय में विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में 32 आवधिक पत्रिकाएं भी प्राप्त होती हैं। इन सभी भाषाओं की आवधिक पत्रिकाओं को ग्रंथालय कक्ष, संसद भवन में प्रदर्शित किया जाता है। संसद सदस्यों की जानकारी और उपयोगार्थ क्षेत्रीय भाषाओं के नवीनतम समाचार पत्रों को भी ग्रंथालय कक्ष, संसद भवन में प्रदर्शित किया जाता है।