सत्रहवीं लोकसभा
तारांकित और अतारांकित प्रश्न

एक. किसी संसद सदस्य को प्रश्न के लिए न्यूनतम 15 दिन की सूचना देनी होती है। सदस्य आमंत्रण भेजे जाने के अगले दिन से प्रश्नों की सूचनाएं दे सकते हैं। "तथापि अध्यक्ष महोदय सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक न्यूनतम 15 दिनों की सूचना अवधि में छूट दे सकते हैं।"
दो. प्रश्नों की सूचना संसदीय सूचना कार्यालय में उपलब्ध निर्धारित प्रपत्र में लोक सभा महासचित को संबोधित की जानी चाहिए। प्रश्न की सूचना में विषय वस्तु के अतिरिक्त जिस मंत्री को प्रश्न संबोधित है, उसका पदनाम और प्रश्न को जिस तिथि को उत्तर के लिए प्रश्न सूची में रखवाने का विचार है, उसका स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए। सदस्य द्वारा उसी दिन के लिए प्रश्नों की एक से अधिक सूचनाएं देने पर उन पर वरीयता क्रम भी उल्लेख किया जाना चाहिए।
तीन. सदस्य का नाम प्रश्नों की सूचनाओं के शीर्ष पर बड़े अक्षरों में लिखा होना चाहिए। ठीक उसी प्रकार सदस्यों की मतविभाजन संख्या का उल्लेख भी होना चाहिए। प्रत्येक प्रश्न की सूचना पर सदस्य द्वारा व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षर किए जाने चाहिए। प्रश्नों की सूचना पर सदस्यों के कार्बन हस्ताक्षर को बिना हस्ताक्षर के प्रश्नों की सूचनाएं माना जाता है और उन्हें सदस्यों को वापस भेज दिया जाता है। सदस्यों द्वारा प्रस्तुत प्रश्नों की सूचनाओं पर हस्ताक्षर उनके नमूना हस्ताक्षर से मेल नहीं खाने पर उनकी प्रभाविकता संदिग्ध हो जाती है तो ऐसे प्रश्नों की सूचनाओं को अवैध माना जाता है ओर उन्हें संबंधित सदस्य को उनके द्वारा प्रदत्त नमूना हस्ताक्षर से मेल खाने वाले हस्ताक्षर करने के निवेदन के साथ उन्हें वापस भेज दिया जाता है। इसी प्रकार अपठनीय प्रश्नों को सदस्यों को वापस भेज दिया जाता है।
चार. यदि एक सूचना पर एक से अधिक सदस्य द्वारा हस्ताक्षर किए जाते हैं तो इसे केवल प्रथम हस्ताक्षरकर्त्ता सदस्य द्वारा दी गई सूचना माना जाता है। इसलिए प्रत्येक प्रश्न की सूचना पर केवल एक सदस्य द्वारा हस्ताक्षर किए जाने चाहिए। प्रत्येक प्रश्न की सूचना पृथक रूप से दी जानी चाहिए।
पांच. सदस्यों को समरूप प्रश्नों की सूचना नहीं देनी चाहिए। यदि एक ही समय पर एक से अधिक सदस्यों से किसी प्रश्न की समरूप सूचनाएं प्राप्त होती है तो उस सूचना के ग्रहीत होने की स्थिति में प्रश्न में सदस्य के नाम का उल्लेख करने और उसका निधार्रण करने के लिए बैलट किया जाता है। अन्य सूचनाओं को अस्वीकार कर दिया जाता है। ठीक उसी प्रकार किसी अन्य सदस्य से प्राप्त अन्य समरूप सूचना जिसे तत्पश्चात् प्राप्त किया गया है, को अस्वीकार कर दिया जाता है।

सूचनाओं की संख्या
छह. कोई सदस्य किसी दिन के लिए मौखिक और लिखित प्रश्न दोनो के लिए प्रश्नों की सूचनाएं कुल मिलाकर दस से अधिक नहीं दे सकता। किसी एक दिन के लिए किसी सदस्य से प्राप्त दस से अधि‍क सूचनाओं को केवल उसी सत्र की अवधि के दौरान उस मंत्री/उन मंत्रियों से संबंधित तदुपरांत दिनों के लिए रखा जाता है। वे सदस्य, जो पूर सत्र के लिए सूचनाएं देना चाहते हैं, अपनी परस्पर प्राथमिकता का उल्लेख करते हुए ऐसा कर सकते हैं। उस स्थिति में जब किसी प्राथमिकता का उल्लेख नहीं किया जाता है, दस दिनों से अधिक प्रश्नों की सूचनाओं को प्राप्ति के समय के आधार पर बाद के दिनों हेतु विचार किया जाता है। तथापि किसी भी सदस्य के नाम किसी एक दिन में तारांकित और अतारांकित उत्तरों के लिए प्रश्न सूचियों में 5 से अधिक प्रश्न सम्मिलित नहीं किए जा सकते।

सूचनाओं की बैलटिंग
सात. पारस्परिक प्राथमिकता निर्धारित करने के लिए कंप्यूटरीकृत स्व बैलट प्रणाली के माध्यम से उत्तर की संगत तिथि से 15 दिन पूर्व 10.00 बजे तक सचिवालय में प्राप्त सभी सूचनाओं के संबंध में एक बैलट होता है। तारांकित और अतारांकित प्रश्नों के लिए पृथक बैलट होते हैं और बैलट के परिणामों को सदस्यों की सूचना के लिए संसदीय सूचना कार्यालय में प्रदर्शित किया जाता है। इससे संबंधित पैरा को बुलेटिन-भाग दो में भी प्रकाशित किया जाता है। बैलट में प्राथमिकता के आधार पर तारांकित और अतारांकित प्रश्नों को पृथक रूप से संख्या दी जाती है।
आठ. सदस्यों द्वारा संबंधित मंत्रियों को अपने प्रश्न सही तरीके से संबोधित करने को सुकर बनाने के लिए, भारत सरकार के उत्तरदायी मंत्रालय/विभागों के विषय का स्पष्ट उल्लेख करते हुए प्रत्येक लोक सभा के आरम्भ में "भारत सरकार में उत्तरदायित्वों का निर्धारण" नामक पुस्तिका सदस्यों को प्रदान की जाती है। बाद में किए जाने वाले संशोधनों की जानकारी भी सदस्यों को दी जाती है।12

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