Sixteenth Lok Sabha
सदस्‍य जीवन-वृत्त


अजमल,माैलाना बदरुद्दीन
निर्वाचन क्षेत्र   : धुबरी (असम)
दल का नाम     : आल इंडि‍या युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (ए.आई.यू.डी.एफ. )
ईमेल : b[DOT]ajmal[AT]sansad[DOT]nic[DOT]in
amarhuzoor[AT]gmail[DOT]com
 
पिता का नाम श्री अजमल अली
माता का नाम श्रीमती मरि‍यमुनि‍शा
जन्म तिथि 12/02/1956
जन्म स्थान गोपाल नगर, नागौन (असम)
वैवाहिक स्थिति विवाहित
विवाह की तिथि 30/12/1979
पति/पत्नी का नाम श्रीमती रेजवाना अजमल
पुत्रों की संख्या 6
पुत्रियों की संख्या 1
शैक्षिक
योग्यता
फाजिल-ए-देवबंद, (मास्‍टर्ज इन इस्‍लामिक थिओलोजी एंड अरेबिक) दारूल उलूम देवबंद, उत्तर प्रदेश से शिक्षा ग्रहण की।
व्यवसाय उद्योगपति
समाज सेवक,शिक्षा शास्‍त्री,सामाजिक कार्यकर्ता
स्थायी पता
(i)61- मेकर टॉवर- बी, कफ - परेड कोलाबा,
मुंबई - 400 005 , महाराष्ट्र
दूरभाष : (022) 22188713, 09820078653, (मो.)
(ii) अजमल हाउस, गांव और डाकघर गोपाल नगर, होजई , जिला नागांव , असम-782435
टेलिफैक्‍स : (03674) 252218
वर्तमान पता
1-3, साऊथ ऐवन्‍यू, डाकघर के सामने,
नई दिल्‍ली - 110 011
टेलीफैक्‍स : (011) 23795363, 09435561156, 09013180448 (मो.)
जिन पदों पर कार्य किया
2006-09 सदस्‍य, असम विधान सभा
2009 15वीं लोक सभा के लिए निर्वाचित
नेता, आल इंडिया यूनाइटिड डेमोक्रेटिक फ्रंट संसदीय दल के, लोक सभा
31 अगस्‍त 2009 सदस्य, उद्योग संबंधी स्‍थायी समिति
सदस्‍य, भूमण्‍डलीय तापवृद्धि और जलवायु परिवर्तन संबंधी संसदीय मंच
मई, 2014 16वीं लोक सभा के लिए पुन:निर्वाचित (दूसरा कार्यकाल)
1 सितम्‍बर 2014 सदस्‍य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और वन संबधी स्‍थायी समिति
15 सितम्‍बर 2014 से सदस्‍य, गैर-सरकारी सदस्‍यों के विधेयकों तथा संकल्‍पों संबंधी समिति सदस्‍य, लोक सभा सदस्‍यों के साथ सरकारी अधिकारीयों द्वारा नयाचार प्रतिमान का उल्‍लघ्‍ांन और अवमानपूर्व व्‍यवाहार संबंधी समिति सदस्‍य, परामर्शदात्री समिति, उत्‍तर-पर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय
सदस्‍य, सरकारी अधिकारियों का लोक सभा सदस्‍यों के साथ न्‍यायाचार मानदंडों का उल्‍लंघन और तिरस्‍कारक व्‍यवाहार संबंधी समिति
सदस्‍य, परामर्शदात्री समिति, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
मई, 2019 सत्रहवीं लोक सभा के लिए पुन: निर्वाचित


 
 
सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यकलाप
लोगों, कर विशेष वंचित और दलित वर्गों के लोगों के सामाजिक-आर्थिक कल्‍याण के लिए कई पहल की: (एक) असम के भिन्‍न-भिन्‍न ग्रामीण स्‍थानों पर चार अस्‍पताल खोले, जैसे हाजी अब्‍दुल मजीद मेमोरिअल हॉस्‍पिटल एंड रिसर्च सैन्‍टर, होजई; अल-सलाम चैरिटेबल हॉस्‍पिटल, ग्‍वालपाड़ा; बदरपुर चैरिटेबल हॉस्‍पिटल, करीमगंज; ए डब्‍ल्‍यू एच ए क्‍यू चैरिटेबल हॉस्‍पीटल, मोरीगांव; (दो) वंचित और पिछड़े वर्गों के छात्रों में कम्‍प्‍यूटर शिक्षा का प्रसार करने के लिए ग्रामीण असम में अजमल कम्‍प्‍यूटर केन्‍द्र (कुल 35) स्‍थापित किए; (तीन) अजमल स्‍किल ट्रेनिंग फॉर एम्‍पलायमेंट एंड प्‍लेसमेंट के मुख्‍य संरक्षक के रूप में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्‍ली के साथ संयुक्‍त रूप से उन्‍होंने गरीबी की रेखा से नीचे आने वाले युवाअों केा प्रशिक्षित करने और उन्‍हें बहुराष्‍ट्रीय कम्‍पनियों में नौकरी दिलाने के लिए महाराष्‍ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और असम के 24 जिलों में 24 केन्‍द्र स्‍थापित किए। इस से 8,000 से अधिक परिवारों को जीविका कमाने के अवसर प्राप्‍त होंगे। 6500 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया और लगभग 5,000 युवाओं को भारत और विदेशों में विभिन्‍न संगठनों में नौकरी दिलाई गई; (चार) नस्‍लीय हिंसा और प्राकृतिक आपदाओं के शिकार 1,010 अनाथों के लिए 5 दारूल यातमा ; (पांच) अजमल ग्रामीण प्रौद्योगिकी और प्रदर्शन केन्‍द्र और कृषि विकास केन्‍द्र के मुख्‍य संरक्षक होने के नाते जीविका उपार्जन के लिए युवाओं और किसानों को क्रमश: औद्योगिक और कृषि प्रशिक्षण देने में सहायता करना; (छह) उनके गतिशीत नेतृत्‍व में असम के कोकराझार, धुबरी, बोगईगांव और चिराग के अशांत जिलों में बड़े पैमाने पर राहत और पुनर्वास मिशन प्रारम्‍भ किया गया। इस मिशन के तत्‍वाधान में कई सौ मकान बनाए गए और लाखों परिवारों को खाद्य वस्‍तुएं, दवाइयां, वस्‍त्र, बर्तन, तिरपाल, मच्‍छरदानी, जी आई चद्दर और रिक्‍शा, हस्‍त चालित गाड़ियां, साइकिल तथा स्‍व:रोजगार के लिए राजगीरी और बढ़ई के उपकरण प्रदान किए गए। इन समाजसेवी कार्यकलापों को अजमल फाउंडेशन, मरकाजुल मो. आरिफ और हाजी अब्‍दुल माजिद अस्‍पताल के तत्‍वाधन से अलइमदाद फाउंडेशन ( दक्षिण अफ्रीका और यू. के.); मुस्‍लिम, आस्‍ट्रेलिया; आई एच एच, तुर्की; उम्‍माह वेलफेयर ट्रस्‍ट, यू. के. बैतुलमाल, यू.एस.ए.; इएससीओ, यू एस ए; हमयूमन अपील, यू. के.; न्‍यूस्‍टार फाउंडेशन, यू.के. जैसे अनेक विख्‍यात अंतर्राष्‍ट्रीय संगठनों के सहयोग से किया गया।
 
विशेष अभिरुचि
मदरसा स्नातकों को आधुनिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण; मरकारूल मारिफ एजूकेशन और रिसर्ज सैन्‍टर, मुम्‍बई चलाते हैं; मदरसा छात्रों को अंग्रेजी भाषा और शोध कौशल सिखाते हैं; मारियम अजमल वुमेन कॉलेज आॅफ साईंस एंड टेक्‍नाॅलॉजी, होजई, असम की स्‍थापना करके महिलाओं को शिक्षा सुलभ कर रहे हैं।
 
आमोद-प्रमोद और मनोरंजन
धार्मिक प्रवचन तथा इस्लामिक धर्मशास्‍त्र के विचारों का आदान प्रदान; परिवार और मित्रों के साथ अच्छा समय व्‍यतीत करना; कुरान पढ़ना; पुस्‍तकें पढ़ना; शिक्षा को बढ़ावा देना; सफल होने और भरण-पोषण के लिए गरीबों के लिए साधन सृजित करना; गरीबों के कल्‍याण के लिए स्‍कूल और संस्‍थाएं स्‍थापित करना; जाति, मत और धर्म का भेद किए बिना ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था के विकास के लिए कार्य करना।
 
खेलकूद और क्लब
सदस्य, स्काईवार्डस
 
विदेश यात्रा
अनेक देशों की यात्रा की
 
अन्य जानकारी
संस्‍थापक: (एक) मरकज अकेडमी एंड एसेासिएट स्‍कूल, मरियम अजमल वुमन कॉलेज ऑफ साईंस एंड टेक्‍नाॅलॉजी, होजई; (दो) अजमल कॉलेज समूह संस्‍थापक अध्‍यक्ष: प्रसिद्ध गैर सरकारी संगठन मरकाजुल माआरिफ, होजई, असम, जो स्‍कूल, अनाथालय और कल्‍याण परियोजनाएं चलाता है संस्‍थापक न्‍यासी: एच ए एम एम पब्‍लिक ट्रस्‍ट न्‍यासी: दारूल उलूम इमदादिया, मुम्‍बई प्रबंध न्‍यासी: (एक) एच ए एम एम हॉस्‍पिटल एंड रिसर्च सेन्‍टर, असम; (दो) अजमल फाउंडेशन; (तीन) अल सलाम चैरिटेबल हॉस्‍पिटल, ग्‍वालपाड़ा; और (चार) ए; डब्‍ल्‍यू एच ए क्‍यू हॉस्‍पीटल माॅइराबाड़ी चेयरमैन: (एक) मरकज दारूल यातामा, उदाली, असम (200 छात्र); (दो) मरकर दारूल यातामा, माणिपुर, असम (150 छात्र); (तीन) मरकाजुल मोआरिफ एजुकेशन एण्‍ड रिसर्च सैन्‍टर, मुम्‍बई अध्‍यक्ष: (एक) मरकज दारूल यातामा, ग्‍वालपाड़ा असम (1000 छात्र); (दो) आल इंडिया यूनाइटिड़ डेमोक्रेटिक फ्रंट; (तीन) आल असम तंजिम मदारिस-ए-कूमिया; (चार)नायब-ए-शाइखुल जामिया दारूल उलूम बसकांडी; (पांच) होजई सैशन रिसेप्‍सन कमेटी आॅफ असम साहित्‍य सभा, 2004; और (छह) स्‍टेट जामियत उलामा-ए-हिन्‍द, असम; (सात) दारूल हादिथ, जयनगर मदरसा; असम; (आठ) आल असम नान गवर्ननमेंट मदरसा बोर्ड; प्रोवाइस-चांसलर, दारूल उलूम, बनासकांड़ी (असम); निदेशक: (एक) शैक-उल-हिन्‍द एकेडमी, देवबंद, यू.पी.; (दो) अजमल कम्‍पनी समूह सदस्‍य: (एक) (शूरा) परामर्शदात्री बोर्ड, दारूल उलूम देवबंद, सहारनपुर, यू.पी. (दो) केन्‍द्रीय कार्य समिति, जमियत ऊलामा-ए-हिन्‍द, नई दिल्‍ली; (तीन) मुस्‍लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड; (चार) परामर्शदात्री बोर्ड, दारूल उलूम, देवबंद, उत्तर प्रदेश; (पांच) शासकीय निकाय, मदरसा-ए-शाही, मुरादाबाद;(छह) शासकीय निकाय, मदरसा ताराजा माउल मस्‍जिद, भोपाल; और (सात) केन्‍द्रीय कार्य समिति, जमात उलेमा-ए-हिन्‍द; मुख्‍य संरक्षक: वर्ष 2004 में होजाई को 100 प्रतिशत साक्षर बनाने के लिए 100 दिन के वृहत्त साक्षरता कार्यक्रम, पूरे पूर्वी भारत में ऐसी उपलब्‍धि प्राप्‍त करने वाला यह अकेला नगर था; रोजगार और काम पर लगाने के लिए अजमल कौशल प्रशिक्षण, जो भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, नई दिल्‍ली के साथ संयुक्‍त रूप से शुरू किया गया; और अजमल ग्रामीण प्रौद्योगिकी और प्रदर्शन केन्‍द्र और कृषि विकास केन्‍द्र; वर्ष 2013 में नई दिल्‍ली की प्रसिद्ध आउटलुक पत्रिका द्वारा कराए गए जन सर्वेक्षण में असम के सर्वाधिक प्रभावशाली भारतीय बताए गए। दलितों के लिए उनके कल्‍याणकारी क्रियाकलापों और विकासीय प्रयासों के लिए ए एफ एम आई द्वारा 29 दिसम्‍बर 2013 को गुवाहाटी में आयोजित अखिल भारतीय शैक्षणिक अधिवेशन में मोहसीन-ए-मिल्‍लत की उपाधि प्रदान की गई। शिक्षा के क्षेत्र में विशेषकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में असाधारण कार्य करने के लिए दिसम्‍बर 2013 में न्‍यायमूर्ति एम.एस.ए. सिद्धिकी द्वारा पूर्वोत्तर के सर सयैद के खिताब से नवाजा गया। आम आदमी की सेवा करने के लिए राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल हैं क्‍योंकि उनके विचार से यह एक ऐसा मंच है जो किसी भी देश का, विशेषकर गरीब और जरूरतमंद लोगों की तस्‍वीर और भविष्‍य बदल सकता है। ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में अनेक शैक्षणिक, सांस्‍कृतिक और सामाजिक संस्‍थाओं से सक्रिय रूप से सम्‍बद्ध हैं।



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