प्रिंट

सत्रहवीं लोक सभा

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Title: The Speaker made an observation regarding condemnable incident which took place in the House yesterday and appealed  to Members to maintain dignity and decorum for smooth functioning of the House.

 माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्यगण, कल दिनांक 28 जुलाई को सदन में जो घटना हुई, उससे मुझे अत्यन्त पीड़ा हुई है । आसन पर पर्चे फेंकना, आसन की अवमानना करना हमारी संसदीय परम्पराओं के अनुरूप नहीं है । अगर हम संसद की गरिमा का ध्यान नहीं रखेंगे तो हमारा संसदीय लोकतंत्र कैसे मजबूत होगा? मेरी कोशिश होती है कि सभी माननीय सदस्यों को अपने-अपने विषय रखने का पर्याप्त समय दूं, पर्याप्त अवसर दूं और उन्हें यथोचित सम्मान भी दूं । उनका सम्मान रहे, यह मेरी जिम्मेदारी है । क्या आप कल की घटना को संसदीय गरिमा के अनुरूप मानते हैं? क्या इसे न्यायोचित मानते हैं? हम इसे लोकतंत्र का मन्दिर मानते हैं और हम सबका यह विश्वास और भरोसा रहता है कि आसन सबके साथ न्याय करेगा, सबके साथ निष्पक्ष रहेगा । अगर कभी आसन के संबंध में कोई प्रश्न हो तो आप मुझे मेरे चैम्बर में आकर कहें । मैं कोशिश करूंगा कि आसन की गरिमा को और बढ़ाने के लिए हमेशा आपके सुझाव मांगू । लेकिन, हम सबको सामूहिक रूप से निर्णय करना होगा कि हम कैसे इस सदन की गरिमा और सम्मान को और बढ़ा सकते हैं ।

आज सारे विश्व में भारत का लोकतंत्र सशक्त है, मजबूत है । हम विश्व के कई देशों में कहते हैं कि भारत के लोकतंत्र में पारदर्शिता भी है, जवाबदेही भी है । यह सदन जनता के प्रति जवाबदेह भी रहता है । आप एक व्यक्ति नहीं, आप एक संस्था हैं । आप लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं । आप उनकी अपेक्षाओं, उनकी भावनाओं को सदन में रखते हैं, ताकि उनके अभावों को दूर कर सकें ।

          मैं पुन: आपसे आग्रह करूंगा कि अगर आप उचित समझते हैं तो हम मिलकर किस तरह से इस सदन की गरिमा को बढ़ा सकते हैं, इसके लिए हमें सामूहिक प्रयास करना चाहिए । मैं आपसे एक बात और कहना चाहता हूं, मैं एक बार और कहना चाहता हूं कि माननीय सदस्य लगातार घटनाओं की पुनरावृत्ति कर रहे हैं । मैं ऐसे माननीय सदस्यों से आग्रह करता हूं कि लगातार ऐसी घटनाएं, जो संसदीय परम्पराओं के अनुरूप नहीं हैं, उनकी पुनरावृत्ति न करें । अगर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होगी तो मैं आपका सहयोग चाहता हूं । ऐसे सदस्यों के खिलाफ मुझे सख्त कार्रवाई करनी पड़ेगी, ताकि हम संसद की मर्यादा को बनाए रखें ।

श्री अधीर रंजन चौधरी (बहरामपुर): सर, सदन जानता है कि इस आसन की, चेयर की गरिमा को बनाए रखने के लिए सारी ऑपोजीशन पार्टीज़ पहले दिन से ही मशक्कत कर रही हैं, सहयोग कर रही हैं । इसी की बदौलत आप हिन्दुस्तान में या हिन्दुस्तान के बाहर, सारे मीडिया वालों को यह कहते हैं कि हमारी पार्लियामेंट की प्रोडक्टिविटी इतनी है । आप बताइए कि आपके नेतृत्व में हमारे सदन की जो प्रोडक्टिविटी हुई है, हमने जितना बिजनेस लिया है, जितने भी समय तक हम लोगों ने सदन के अन्दर चर्चा की है, इसकी एक नई मिसाल आपने खुद बनाई है । यह आप खुद कहते हैं ।

हम सब जानते हैं कि प्रोडक्टिविटी के हिसाब से इस सदन ने आपके नेतृत्व में एक नयी मिसाल बनायी है ।

          सर, आप देख रहे हैं कि इस सरकार की जिद्दबाजी से सदन के अंदर हम अपनी बात नहीं रख पाते हैं ।… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आप कल की घटना पर कहें ।

… (व्यवधान)

श्री अधीर रंजन चौधरी : सर, हम एक कानूनी बात करते हैं ।… (व्यवधान) सदन के अंदर मैं एक छोटी-सी कानूनी बात करता हूँ ।… (व्यवधान)

          सर, कौन रोकता है, यह आप खुद देखिए ।… (व्यवधान)

संसदीय कार्य मंत्री; कोयला मंत्री तथा खान मंत्री (श्री प्रहलाद जोशी): आप कल की घटना के बारे में क्या कहना चाहते हैं? … (व्यवधान) इतना बड़े-बड़े बंडल, पेपर के बंडल चेयर के ऊपर फेंकते हैं । … (व्यवधान) इधर हमारे ऊपर फेंका है, मीडिया के ऊपर फेंका है, क्या यह सही है या गलत है? … (व्यवधान) बाकी चीजों पर डिस्कशन के बारे में, बी..सी. में जो हुआ है, उस पर हम बात करेंगे । … (व्यवधान) हम चर्चा करने के लिए तैयार हैं ।… (व्यवधान) क्या यही तरीका है? क्या आप माफी भी माँगना नहीं चाहते हैं?… (व्यवधान) You do not even want to apologise to the Chair. … (Interruptions) You do not even want to apologise to the Chair. … (Interruptions) Is it the way to behave? आपने इतने साल तक राज किया है ।… (व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : सदन की कार्यवाही साढ़े ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित की जाती है ।

11.07 hrs

The Lok Sabha then adjourned till Thirty Minutes past Eleven of the Clock.

________


 

11.30 hrs

The Lok Sabha reassembled at Thirty Minutes past Eleven of the Clock.

(Shri Rajendra Agrawal in the Chair)

At this stage, Shri Kalyan Banerjee, Dr. K. Jayakumar, Adv. A.M. Ariff and some other hon. Members came and stood on the floor near the Table.

… (Interruptions)

11.31 hrs

ORAL ANSWERS TO QUESTIONS

माननीय सभापति : प्रश्न संख्या 141, श्री मोहम्मद फैजल पी.पी.

… (व्यवधान)

माननीय सभापति : श्री बैन्नी बेहनन ।

… (व्यवधान)


 

(Q. 141)

HON. CHAIRPERSON: Dr. Satyavathi, please ask your question.

… (Interruptions)

DR. BEESETTI VENKATA SATYAVATHI : Hon. Chairperson Sir, through you, I would like to ask the hon. Minister of Ports, Shipping and Waterways whether the Government has made progress in setting up multi-skill development centres for higher order skills, in collaboration with the Directorate General of Training or National Skill Development Corporation through PPP model for skill training, as was mentioned in the expected outcomes of the MOU.… (Interruptions) If so, the details thereof. … (Interruptions)

SHRI SARBANANDA SONOWAL: Hon. Chairperson Sir, for your information, the Ministry of Ports, Shipping and Waterways has taken a lot of initiatives to set up skill development centres in different locations of coastal areas. … (Interruptions) In reply to the question of the hon. Member, I would like to inform you that the Centre of Excellence in Maritime and Shipbuilding has undertaken a project, in collaboration with Siemens Industry Software India Pvt Ltd and Indian Register of Shipping in Vishakhapatnam and Mumbai. This focuses on higher skills. … (Interruptions) Secondly, the National Technology Centre for Ports, Waterways and Coasts has been set up at IIT Madras which is for research. … (Interruptions) Thirdly, the Centre for Inland and Coastal Maritime Technology has been set up at IIT, Kharagpur, which is for ship design development. … (Interruptions)

          So, these are the initiatives we have taken so far. Thank you. … (Interruptions)

माननीय सभापति : प्रश्न संख्या 142,

                           श्रीमती संध्‍या राय

(Q. 142)

श्रीमती संध्या राय: महोदय, माननीय मंत्री जी ने जो प्रश्न का उत्तर दिया है, मैं उससे सहमत हूं । …(व्यवधान) ओलम्पिक खेलों में हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा ।…(व्यवधान) देश की बेटी मीराबाई चानू जी ने हमारे देश का गौरव बढ़ाया । यह खेल नीति का ही परिणाम है, जिसके कारण आज विश्व पटल पर हमारे देश का नाम चमक रहा है ।…(व्यवधान) मैं माननीय प्रधान मंत्री जी और खेल मंत्री जी को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनायें देती हूं ।…(व्यवधान)

मैं माननीय मंत्री जी से एक प्रश्न पूछना चाहती हूं कि खेल को बढ़ावा देने के लिए मेरे लोक सभा क्षेत्र भिंड के लिए क्या कोई नवीन प्रस्ताव तैयार किया गया है? …(व्यवधान)

श्री अनुराग सिंह ठाकुर: माननीय सभापति जी, भारत की बेटी मीराबाई चानू जी ने देश के लिए जो रजत पदक जीता है, उसके लिए मैं सारे सदन की ओर से उनको बहुत-बहुत बधाई और बहुत-बहुत शुभकामनायें देता हूं ।…(व्यवधान) यह भारत के लिए गर्व की बात है ।…(व्यवधान)

माननीय सभापति: प्लीज आप उत्तर सुनिये । खेलों पर चर्चा हो रही है, ओलम्पिक चल रहे हैं, प्लीज आप माननीय मंत्री जी का उत्तर सुनिये ।

… (व्यवधान)

श्री अनुराग सिंह ठाकुर: पहले दिन, पहला मेडल, यह पहली बार हुआ है । देश की बेटी मीराबाई चानू जी ने यह करके दिखाया है । मुझे लगता है कि यह हमारे लिए गर्व की बात है ।(व्यवधान) आज भी सुबह से बहुत अच्छी परफार्मेंस वहां पर रही है ।…(व्यवधान) आगे और मेडल्स जीतने की उम्मीद भी है ।…(व्यवधान)

आपने मध्य प्रदेश की बात कही, तो मैं बताना चाहूंगा कि मध्य प्रदेश में हमारा एक नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, भोपाल में चल रहा है, जहां पर लगभग 223 एथलीट्स खेलते हैं । साई ट्रेनिंग सेंटर स्कीम के अंतर्गत जबलपुर, टीकमगढ़ और धार में लगभग 62 खिलाड़ी रेजीडेंशियल में और नॉन-रेजीडेंशियल में 30 खिलाड़ी खेल रहे हैं ।…(व्यवधान) जो एसटीसी का एक्सटेंशन सेंटर है, उसमें खण्डवा में हमारे 20 खिलाड़ी नॉन-रेजीडेंशियल में हैं और गवर्नमेंट बॉयज़ स्कूल, इंदौर में भी लगभग 39 लोग खेल रहे हैं ।…(व्यवधान)   इसी तरह से खो-खो के लिए जबलपुर में है, वहीं अलग-अलग अखाड़ों को एडॉप्ट किया गया है । उज्जैन और इंदौर को मिलाकर 25 खिलाड़ी हैं । कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में 285 एथलीट्स रेजिडेन्शियल और नॉन-रेजिडेन्शियल में 94 एथलीट्स खेल रहे हैं । … (व्यवधान)

इसके अलावा भी भारत सरकार खेलो इंडिया गेम्स का आयोजन करती है … (व्यवधान) जो यूथ गेम्स से लेकर यूनिवर्सिटीज गेम्स तक होता है, तीन बार यूथ गेम्स हो चुके हैं, यूनिवर्सिटीज गेम्स भी हुए हैं । इस बार भी इसे नवम्बर महीने में आयोजित होना है । जहां तक माननीय सदस्य ने अपने क्षेत्र की बात कही है । मैं कहना चाहता हूं कि खेल राज्य का विषय है, खेल स्टेट सब्जेक्ट है । यदि राज्य की ओर से कोई प्रस्ताव आता है तो हम उस पर विचार करके समय-समय पर निर्णय भी करते हैं । अभी तक इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं आया है । … (व्यवधान)

श्रीमती संध्या राय: माननीय सभापति महोदय, मेरे लोक सभा क्षेत्र भिंड, दतिया और चम्बल सम्भाग में आता है । वहां के लोग सबसे ज्यादा फौज और सेना में अपनी सेवाएं देते हैं । … (व्यवधान) उनके बच्चों और फैमिली के लिए एक बड़ा ट्रेनिंग सेंटर तैयार किया जाए । वहां की जो बेटियां हैं, कुश्ती का गेम वहां बहुत अच्छी तरह से प्रचलित है, … (व्यवधान) क्या तमाम गेम्स के लिए प्रशिक्षण केन्द्र खोलने की केन्द्र सरकार की कोई योजना है? यदि नहीं है तो केन्द्र सरकार की योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार को यहां से प्रस्ताव भेजा जाए, जिससे भिंड जिले में प्रतिभावान बच्चों को मौका मिल सके ।

श्री अनुराग सिंह ठाकुर : माननीय सभापति जी, मैं आपके माध्यम से सदन को बताना चाहता हूं कि हमने खेलो इंडिया स्कीम के तहत लगभग 1756 करोड़ रुपये खर्च किए हैं । उसमें अलग-अलग आधारभूत ढांचा बनाने का काम किया गया । … (व्यवधान) उसमें 272 स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए सैंक्शन्ड किया गया, जिसकी कुल कीमत 1735 करोड़ रुपये है । इसके अलावा जो लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिजम एरियाज हैं, उसके लिए कुल मिलाकर तेरह राज्यों में इस स्कीम को चलाया गया है । … (व्यवधान) जम्मू-कश्मीर से लेकर नार्थ-ईस्ट और बाकी राज्यों में भी इसे चलाया है । प्लेफील्ड्स कहां-कहां हो सकते हैं, उसके लिए देश भर में प्लेफील्ड्स की मैपिंग करके उसे जीआई से टैग किया है ताकि आप देख सकें कि नजदीक के किस क्षेत्र में खेलने जाना है, उसे भी किया है । … (व्यवधान)

          मैंने पहले कहा कि तीन खेलो इंडिया यूथ गेम्स कराए हैं । वर्ष 2020 में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटीज गेम्स भी कराया है । इस साल भी दो गेम्स होने के लिए प्रस्तावित हैं ।  इसके अलावा 360 खेलो इंडिया के कॉल सेंटर्स खोले गए हैं, … (व्यवधान) 23 स्टेट्स में 24 खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सिलेंस भी नोटिफाई किए गए हैं ।

जहां तक माननीय सांसद जी के क्षेत्र की स्पेसिफिक बात है । वहां के लिए मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि उन्होंने एक मांग रखी है । यदि इसे राज्य सरकार के माध्यम से भिजवाएंगे तो हम उस पर विचार करेंगे ।

श्री कृष्णपालसिंह यादव: सभापति महोदय, सबसे पहले मैं इस सदन के माध्यम से टोक्यो ओलंपिक परिणामों के अनुसार पदक दिलाने वाले खिलाड़ियों को बधाई देता हूं । इसके साथ ही प्रतिस्पर्धी खिलाड़ियों के प्रति शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं । … (व्यवधान)

          मैं आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से जानना चाहूंगा कि हमारे देश में वर्तमान में कौन-कौन से अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं की मेजबानी करने के लिए सक्षम हो चुके हैं । … (व्यवधान) क्या सरकार देश में ओलंपिक खेलों जैसे आयोजनों करने संबंधी कोई लक्ष्य रखती है? यदि हां तो विवरण क्या है? यदि नहीं तो उसके क्या कारण हैं? इसके साथ ही मध्य प्रदेश में खेल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की क्या संभावनाएं हैं? मेरे संसदीय क्षेत्र की जिला अशोक नगर, गुना सुपरी में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को खेल से जोड़ने के लिए क्या सरकार स्पोर्ट्स कम्पलेक्स जैसी योजनाओं पर विचार कर रही है? … (व्यवधान)

श्री अनुराग सिंह ठाकुर : माननीय सभापति जी, वर्ष 2016 में 12वीं साउथ एशियन गेम्स गुवाहाटी और शिलांग में आयोजित हुई थी । जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप लखनऊ में हुआ था । ब्रिक्स अंडर 17 फुटबॉल टूर्नामेंट गोवा में हुआ था और वर्ष 2017 में फीफा अंडर 17 वर्ल्ड कप भारत में आयोजित हुआ । 22वीं एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप ओडिशा में आयोजित की गई । एशियन रेसलिंग चैम्पियनशिप नई दिल्ली में 2017 में हुई और वर्ष 2018 में एआईबीए वूमेन्स वर्ल्ड चैम्पियनशिप नई दिल्ली में हुआ ।   … (व्यवधान) हमने कॉमन वैल्थ टेबल टेनिस चैम्पियनशिप कटक में की और वर्ष 2021 में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप फिर नई दिल्ली में किया ।

 मैं आपके माध्यम से सदन और देश को बताना चाहता हूं कि हम हॉकी मैन्स जूनियर वर्ल्ड कप नवंबर, 2021 में करने जा रहे हैं । हम बॉक्सिंग का इंडिया ओपन इंटरनेशनल टूर्नामेंट करने जा रहे हैं, बैडमिंटन में इंडिया ओपन वर्ल्ड टूर सुपर 500 करने जा रहे हैं । फुटबाल में एशियन वूमेन फुटबाल कप 2022 और फीफा अंडर 17 वूमेन वर्ल्ड कप 2022 करने जा रहे हैं । स्नूकर में आईबीएसएफ वर्ल्ड मैन, वूमेन और मास्टर चैम्पियनशिप करने जा रहे हैं । खोखो में फर्स्ट वर्ल्ड कप 2021-22 करने जा रहे हैं । हॉकी में एफआईएच मैन्स वर्ल्ड कप 2023 करने जा रहे हैं । इसके अलावा ओलम्पिक्स गेम्स के बारे में कहा गया, अगर इंडियन ओलिम्पिक एसोसिएशन लिखकर देती है, कोई प्रस्तावना करती है तो उस पर विचार किया जा सकता है । नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन अगर कोई भी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट कराना चाहती है, अगर उसका लिखित में प्रस्ताव आता है, तो हमारी सरकार ने पिछले सात साल में ऐसे बहुत से आयोजन किए हैं और भविष्य में भी माननीय मोदी जी के नेतृत्व में हम दुनिया भर की बड़ी चैम्पियनशिप हिन्दुस्तान में करवाने के लिए तैयार हैं ।

SHRI LAVU SRI KRISHNA DEVARAYALU: Thank you, Chairman, Sir, for giving me this opportunity. First of all, on behalf of all the Members of Parliament, I congratulate Ms. Mirabai Chanu for winning the medal. It shows how well we are doing in the Olympics and how the TOPS programme is doing and how much investment we are bringing in into the Olympic sports. In the detailed reply as well, the Ministry has said that year-on-year investments in the sports programmes have been increasing.

          Sir, we have sent a huge contingent to the Tokyo Olympics 2020. I request the hon. Minister to provide the details of how many athletes have gone there; how many coaching and federation staff have gone there.

श्री अनुराग सिंह ठाकुर : माननीय सभापति जी, पूर्व में माननीय सदस्य ने शिवपुरी के बारे में पूछा  था । हमने उनके यहां हॉकी का सिंथेटिक हॉकी स्टेडियम कॉम्पलेक्स बनाने का काम किया है, शिवपुरी में काम चल रहा है । अगर आप वर्ष 2012 में भारत को ओलिम्पिक्स में देखें तो 83 एथलीट्स 13 स्पोर्ट्स में गए थे । वर्ष 2016 रियो में 117 एथलीट्स 15 स्पोर्ट्स से, वर्ष 2020 ओलम्पिक्स टोक्यो में, आज तक का सबसे बड़ा कंटिन्जेंट, 127 के लगभग एथलीट्स 18 स्पोर्ट्स में गए हैं, उनकी पार्टिसिपेशन होगी । इसके अलावा और विस्तृत जानकारी, जैसे कितने कोचिस के साथ बाकी कितना स्टाफ गया, माननीय सदस्य को दे दी जाएगी ।

HON. CHAIRPERSON: Question nos. 143 and 151 are clubbed together. Shri Prathap Simha, Question No. 143

… (Interruptions)


 

(Q.143 and 151)

SHRI PRATHAP SIMHA : Thank you, hon. Chairperson. I would like to thank our beloved Prime Minister, Shri Narendra Modi for his ambitious Smart Cities Mission. We see unprecedented developmental activities in seven cities of Karnataka, namely, Belagavi, Bengaluru, Davangere, Hubballi-Dharwad, Mangaluru, Shivamogga and Tumakuru. Around 817 projects worth Rs.17,160 crore have been taken up. These projects will certainly change the fate of these seven cities.

Unfortunately, when this Smart Cities Mission was announced on 25th June, 2015, my city, Mysore’s name did not figure in the listed cities. I am not blaming anyone else but ourselves because we were unable to utilize 80 per cent of the funds that we got under JNNURM. Mysore City Corporation did not do the auditing from 2011. So, the Karnataka Government was unable to recommend the name of Mysore under the Smart Cities Mission.

Sir, as far as Swachch Bharat Mission survey of cities with less than one million population is concerned, we are at number one position. We are the cleanest city in India. But, unfortunately, we did not get the developmental funds under the Smart Cities Mission. I would like to know from the hon. Minister whether there is a proposal before the Government to extend the list of Smart Cities and whether they are going to come up with a second list of Smart Cities.

Thank you, Sir.

SHRI HARDEEP SINGH PURI: Sabhapati Mahoday, I fully empathise with the sentiment just expressed by my distinguished colleague, an hon. Member from Mysuru.

          The Smart City Programme is a unique programme that has been implemented in the country for the first time. It was conceived as soon as the Modi Government took office in May, 2014 and it was announced in June, 2015. The idea was to use technology in order to introduce ease of living, and inclusive and sustainable development.

          Sir, the process of selecting the 100 smart cities was not a selection process ordained by the Central Government. In fact, a system of competitive bidding was announced and all cities, that wished to compete for inclusion in the Smart Cities Project, were invited to submit specific proposals which they would implement over a period of five years. Now, the Centre’s contribution to this is about Rs. 48,000 crore. The overall Smart City Project is worth Rs. 205,000 crore. The Centre gives Rs. 500 crore per year to each of the selected smart cities.

The hon. Member mentioned that the smart cities selected in Karnataka have done exceptionally well. Out of the total amount released of Rs. 1,721 crore, the smart cities of Karnataka have already utilised Rs. 1,563 crore, which represents 91 per cent of the amount allocated.

The hon. Member said that these projects will change the fate and the shape of these seven smart cities. I agree with that. The evidence of that is already available. Hon. Chairperson, Sir, when I was included in the Council of Ministers in September 2017, I used to be asked : where are the Smart Cities? I took some pains to find out, to tell people that the Smart City Project is a unique project and it takes about a year or two to set up a special purpose vehicle and to set up a project management consultant. Today, we are seeing the results.

In so far as the inclusion of Mysuru is concerned, the hon. Member is absolutely right that Mysuru was not included. It was not because the Central Government was not wanting to include Mysuru, but it was a system of seeking an election, putting forward a proposal.

I said that the Central Government gives to each of the smart cities a total amount of Rs. 500 crore over five years, which is Rs. 100 crore a year. I think, I mis-spoke earlier.

What do we do now? Clearly, it is our expectation that the seven smart cities of Karnataka or the ten smart cities of Uttar Pradesh or, for that matter, all the other smart cities, are all being ranked against the performance that they are registering in relation to each other. Now that is having a lighthouse effect.  When other cities see the kind of progress that the smart cities are registering, they are wanting their own cities to be included.

Now, will there be a follow up to the 100 smart cities? Hon. Chairperson, Sir, that is something we will need to see. It is also our expectation that with the progress registered, other cities may wish to look at the experience gained, the best practices which these smart cities have shown and maybe apply those autonomously.

Thank you very much.

SHRI PRATHAP SIMHA: Hon. Chairperson, Sir, I am thankful to the hon. Minister Hardeep Puriji. He can understand our problem. He knows Mysuru. Whenever we visit a city, what is the first thing that we get to see? That is cleanliness. To clean up the city, we need to have legacy waste treatment plants.

          We need to have C&D plants. For that we need money. At least, if our hon. Minister is kind enough to give money under AMRUT Scheme for these projects, I will be more than happy. … (Interruptions)

          Thank you.

SHRI HARDEEP SINGH PURI: Sir, as I started my response to the first supplementary, I fully empathize with the sentiment expressed by the hon. Member. I also have a very deep and a personal relationship with the State of Karnataka. … (Interruptions) But under AMRUT or any other scheme, the Centre stands ready to cooperate but the States’ annual action plans are drawn up by the State Governments. They can reposition. But insofar as sewage treatment and septage treatment are concerned, there will be a follow up to the AMRUT Scheme. … (Interruptions)

          In fact, the hon. Finance Minister in her Budget statement for 2021-22 specifically mentioned a Swachh Bharat Mission Phase-II and an AMRUT follow up. The AMRUT Scheme only covers 60 per cent-plus of India’s urban population, and the Government is actively considering a follow up scheme which will cover 100 per cent of the urban areas. … (Interruptions)

SHRI ANNASAHEB SHANKAR JOLLE: Thank you, Chairman Sir. I thank the hon. Minister for giving a good answer to the question. … (Interruptions)

Now, I want to ask this question. The role of the public representatives, like MPs and MLAs is not clearly defined in the Special Purpose Vehicles created under the Mission of each city. At present, there are only officials of the SPVs and local MLAs or city level advisory forum with no real authority. … (Interruptions)

Can the hon. Minister please include the public representatives of the local people under SPVs? About one-third cities are included i