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Title: Regarding development of backward areas of Aurangabad Parliamentary Constituency of Bihar.

श्री सुशील कुमार सिंह (औरंगाबाद): माननीय अध्यक्ष जी, मैं अपने संसदीय क्षेत्र औरंगाबाद के बारे में कुछ बताना चाहता हूं। औरंगाबाद और गया दोनों जिले नक्सल प्रभावित इलाके हैं और पिछड़े हुए हैं। मैं आपसे संरक्षण चाहता हूं, आपका आशीर्वाद चाहता हूं। मैं युवा बेरोजगारों और किसानों की समस्याओं को आपके माध्यम से सरकार तक पहुंचाना चाहता हूं। मैं अपनी बात होने तक आपका आशीर्वाद चाहूंगा। यह पूरा इलाका नक्सल प्रभावित, पिछड़ा है और कृषि का क्षेत्र है। यहां किसानों की बहुतायत है। यहां के युवा रोजगार, काम और नौकरी के अभाव में दिगभ्रमित हो जाते हैं और मुख्यधारा से भटक कर बंदूक थाम लेते हैं।

मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि भारत सरकार का खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय यहां कृषि उत्पाद पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करे ताकि युवाओं को रोजगार मिले, काम मिले। इससे किसानों का उत्पादन अच्छे मूल्य पर कारखानों में इन उद्योगों के माध्यम से बिक सकेगा और इस क्षेत्र की आर्थिक उन्नति होगी, आर्थिक तरक्की होगी। इससे बेरोजगारी और किसानों को फसल का उचित मूल्य न मिलने जैसी दोनों समस्याओं का समाधान होगा और नक्सल की समस्या भी नियंत्रित होगी ।

आपके माध्यम से मैं यह कहना चाहूंगा कि भारत सरकार इस इलाके के विकास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता, .सी.. नाम की एक योजना चलाती है, इसमें मेरा आपसे यह निवेदन है कि जो जनप्रतिनिधि हैं, सांसद हैं, जिनको भारत सरकार फंड देती है, तो सांसदों की अनुशंसा के आधार पर भी योजनाएं ली जाएं। हम हमेशा चाहेंगे कि योजनाएं ऐसी हो, जो जनहित में हो, अधिक-से-अधिक जनता को उसका फायदा मिले, हमारे इलाके का विकास हो ताकि उग्रवाद की समस्या भी नियंत्रित हो ।

अभी रेल मंत्री जी यहां बैठे हैं। भारत सरकार ने बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन को 25 करोड़ रुपये दिये हैं। मैं इनका धन्यवाद करता हूं। मैं उम्मीद करता हूं कि यह परियोजना बंद नहीं होगी बल्कि आगे बढ़ेगी । मैं इनसे एक निवेदन करना चाहूंगा कि जब आपने सहृदयता दिखायी है, दरियादिली दिखाई है, तो इस राशि को 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर कम-से-कम 125 करोड़ रुपये कर दीजिए ताकि कम-से-कम समय में इस रेल लाइन का निर्माण हो जाए, बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिले, काम मिले और किसानों का भी भला हो । आपने मुझे अपनी बात रखने का अवसर दिया । इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। धन्यवाद ।

माननीय अध्यक्ष: श्री भैरों प्रसाद मिश्र एवं श्री शरद त्रिपाठी को श्री सुशील कुमार सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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